ईवी का जमाना:देश का पहला इलेक्ट्रिक वाहन हाईवे बना चंडीगढ़-दिल्ली रोड, हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन, सौर ऊर्जा वाला पहला स्टेशन भी यहीं
ईवी का जमाना:देश का पहला इलेक्ट्रिक वाहन हाईवे बना चंडीगढ़-दिल्ली रोड, हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन, सौर ऊर्जा वाला पहला स्टेशन भी यहीं
- 250 किमी लंबे हाईवे पर 19 चार्जिंग स्टेशन हुए, एक बार चार्जिंग में लगेंगे 1.5 घंटे
हर माह 6000 से 9000 रुपए बचत संभव
ईवी के क्या फायदे हैं?
इलेक्ट्रिक वाहन चलाना पेट्रोल-डीजल ही नहीं, सीएनजी से भी सस्ता है। ये बहुत कम प्रदूषण फैलाते हैं।
ईवी की उपलब्धता और लागत क्या है?
टू-व्हीलर में कई ऑप्शन हैं। कारों में फिलहाल दो-तीन ब्रांड हैं। ईवी टू-व्हीलर के दाम पेट्रोल वाहन के बराबर हैं। कारें पेट्रोल-डीजल की तुलना में महंगी हैं।
ईवी पर कितनी सब्सिडी है?
केंद्र सरकार फेम टू स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर 15 हजार रु./किलोवाट बैटरी के हिसाब से प्रोत्साहन देती है। 3 किलोवाट बैटरी वाले टू-व्हीलर पर 45,000 रुपए तक सब्सिडी मिल सकती है। महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली 10-20 हजार रु. तक अतिरिक्त सब्सिडी दे रहे हैं। कारों पर 10 हजार रु./किलोवाट बैटरी क्षमता के हिसाब से 1.5 लाख रु. तक सब्सिडी है।
राेज 50 किमी ईवी चलें तो कितनी बचत?
ईवी चलाने की लागत 1 से 1.25 रुपए किमी आती है। 50 किमी चलाने पर 50-70 रुपए खर्च होगा। पेट्रोल गाड़ी में यह 250-350 रुपए होता है। ऐसे में हर माह 6000 से 9000 रु. बचत संभव है।
चार्जिंग के लिए अलग कनेक्शन लेना होगा?
ईवी बेचने वाली कंपनियां ग्राहक के घर पर चार्जिंग यूनिट इंस्टाल करती हैं। अलग कनेक्शन की जरूरत नहीं होती।
ईवी चार्ज होने में कितना समय लगता है?
घरों में वाहन चार्ज करने पर 8-10 घंटे लगते हैं। कमर्शियल या फास्ट चार्जिंग स्टेशन में समय 1 से 1.5 घंटा रह जाता है। सौर चार्जिंग स्टेशन पर ई-कार की फास्ट चार्जिंग दो घंटे से कम समय में हो जाती है। 400 से 450 रुपए खर्च आता है। टू-व्हीलर काे 20 मिनट में चार्ज कर सकते हैं। इस पर 50 रुपए खर्च हाेंगे।
(विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर)


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